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वर्ष 2027 के अंतिम चरण में वैवाहिक लग्न 18 दिन

2027 में चतुर्मास की समाप्ति के बाद नवंबर-दिसंबर में कुल 18 शुभ विवाह लग्न हैं। जानें ग्रह-नक्षत्रों की भूमिका, पूरी तारीख की लिस्ट और मुहूर्त से जुड़ी जरूरी जानकारी।

*01.चतुर्मास के बाद 18 शुभ विवाह की तारीखें + ग्रह नक्षत्र भूमिका

चतुर्मास मास की तपस्या के बाद जब देव उठते हैं, तब धरती पर फिर से शहनाई गूंजती है। वर्ष 2027 में 10 नवंबर दिन बुधवार कार्तिक शुक्ल पक्ष देवुत्थान एकादशी के साथ चतुर्थ मास समाप्त होगा और इसके बाद लगभग 19 शुभ वैवाहिक लग्न प्राप्त होंगे। 

ये दिन प्रेम, संकल्प और सात फेरों के लिए सबसे पावन माने जाते हैं। घर-आंगन दीपों से जगमगाएंगे, बंधु-बांधव एक होंगे और वैदिक मंत्रों के साथ दो आत्माएं एक बंधन में बंधेंगी। 

नवंबर-दिसंबर की ठंडी बयार में यह लग्न न केवल सामाजिक उत्सव है, बल्कि धर्म, संस्कार और परंपरा का संगम भी है। आइए जानते हैं कि इन शुभ मुहूर्तों में ग्रह-नक्षत्रों की क्या भूमिका है और कौन-कौन से दिन आपके लिए सबसे मंगलकारी रहेंगे।

विवाह के मौके पर लगने वाले सामानों की तस्वीर

*02. वैवाहिक लग्न में ग्रहों और नक्षत्रों की भूमिका

वैवाहिक लग्न तय करने में वैदिक ज्योतिष में ग्रह और नक्षत्रों को सबसे बड़ा आधार माना जाता है। सबसे पहले गुरु और शुक्र की स्थिति देखी जाती है क्योंकि गुरु वर के लिए और शुक्र कन्या के लिए कारक ग्रह हैं। इनका बली होना, शुभ भाव में होना और पाप ग्रहों से दृष्ट न होना आवश्यक है। इसके साथ चंद्रमा का बल, लग्न की शुद्धि और सप्तम भाव की स्थिति भी देखी जाती है। 

नक्षत्रों में रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा और रेवती विवाह के लिए श्रेष्ठ माने गए हैं। इन नक्षत्रों में चंद्रमा का गोचर शुभ फल देता है। इसके अतिरिक्त पंचांग के 5 अंग - तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण - सभी का शुद्ध होना जरूरी है। भद्रा, गंडमूल, ग्रहण और खरमास के समय विवाह वर्जित है। कुल मिलाकर लग्न, ग्रहों की युति-दृष्टि और नक्षत्रों का संयोग ही तय करता है कि वह मुहूर्त दांपत्य जीवन के लिए कितना सुखद और स्थायी रहेगा।

*03. नवंबर और दिसंबर 2027 में वैवाहिक लग्न 

वर्ष 2027 में चतुर्मास 10 नवंबर 2027, दिन बुधवार देवउठनी एकादशी के दिन के बाद समाप्त हो जायेगा। इसके बाद विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे। पंचांग के अनुसार नवंबर 2027 में लगभग 11 दिन शुभ लग्न हैं: 10 नवंबर दिन बुधवार, 11 नवंबर दिन गुरुवार, 15 नवंबर दिन सोमवार, 16 नवंबर दिन मंगलवार, 20 नवंबर दिन शनिवार, 21 नवंबर दिन रविवार, 23 नवंबर दिन मंगलवार, 24 नवंबर दिन बुधवार, 25 नवंबर दिन गुरुवार, 26 नवंबर दिन शुक्रवार एवं 29 नवंबर दिन सोमवार को है।

दिसंबर 2026 में 02 दिसंबर से खरमास प्रारंभ होने के उसके पहले तक ही विवाह संभव हैं। इसलिए दिसंबर में लगभग 07 दिन शुभ हैं: 02 दिसंबर दिन गुरुवार, 07 दिसंबर दिन मंगलवार, 08 दिसंबर बुधवार, 09 दिसंबर दिन गुरुवार, 12 दिसंबर रविवार, 13 दिसंबर सोमवार और 14 दिसंबर दिन मंगलवार को है।

15 दिसंबर 2027 से 14 जनवरी 202 तक खरमास के कारण विवाह निषेध रहेंगे। 

नोट: ये तिथियां सामान्य ठाकुर प्रसाद पंचांग के आधार पर हैं। क्षेत्रीय पंचांग, गोत्र और कुंडली मिलान के अनुसार 1-2 दिन का अंतर हो सकता है। अंतिम निर्णय अपने स्थानीय विद्वान से मुहूर्त निकलवाकर ही करें।

डिस्क्लेमर 

यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्योतिषीय और पंचांग आधारित ज्ञान के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार के लिए मुहूर्त का निर्धारण व्यक्ति की जन्मकुंडली, गोत्र, कुल परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार भिन्न हो सकता है। ऊपर बताए गए नवंबर-दिसंबर 2026 के दिन अनुमानित हैं और विभिन्न पंचांगों में तिथि, वार और घटी के कारण एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। 

ग्रह-नक्षत्रों की भूमिका का वर्णन शास्त्रों में वर्णित सामान्य सिद्धांतों पर आधारित है, यह किसी व्यक्ति विशेष के जीवन की गारंटी नहीं है। दांपत्य जीवन की सफलता केवल मुहूर्त पर ही नहीं, बल्कि आपसी समझ, सम्मान और प्रयासों पर भी निर्भर करती है। 

अतः किसी भी तिथि को अंतिम रूप देने से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषाचार्य से अपनी और वर-वधू दोनों की कुंडली मिलान कराकर व्यक्तिगत मुहूर्त अवश्य निकलवाएं। हम इस जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।



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