कैप्शन:वर्ष 2027 में विवाह के लिए 65 शुभ वैवाहिक मुहूर्त और 4 अबूझ मुहूर्त का वैदिक पंचांग आधारित चित्रण।
"वर्ष 2027 में कुल 65 दिन शुभ वैवाहिक लग्न हैं। जानें विवाह की तिथि, नक्षत्र, ग्रह और मुहूर्त से जुड़ी पूरी जानकारी। अभी 2027 का विवाह कैलेंडर देखें"
2027 में 65 शुभ वैवाहिक लग्न: सात फेरों के लिए चुने गए सबसे खास दिन
वर्ष 2027 जोड़ों के लिए बेहद खास होने वाला है क्योंकि इस साल कुल 65 दिन वैवाहिक लग्न के लिए उपलब्ध हैं।
पंचांग के अनुसार निकाले गए ये शुभ मुहूर्त विवाह बंधन को मजबूत, सुखद और समृद्ध बनाने के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं। सनातनी (हिंदू) परंपरा में विवाह केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का संगम है।
इसलिए लग्न तय करते समय ग्रहों की स्थिति, तिथि और नक्षत्र का विशेष ध्यान रखा जाता है। 2027 में लग्नों की संख्या अधिक होने से लोगों को अपनी सुविधा और पारिवारिक कार्यक्रम के अनुसार तारीख चुनने की छूट मिलेगी।
चाहे आप बड़ी बारात की प्लानिंग कर रहे हों या एक सादे समारोह की, इन 65 शुभ दिनों में से सही लग्न चुनकर आप अपने नए जीवन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ कर सकते हैं।
आइए जानते हैं रंजीत के इस ब्लॉग से कि लग्न तय करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
*वैवाहिक लग्न में क्या-क्या देखा जाता है?
वैवाहिक लग्न तय करना केवल कैलेंडर पर तारीख देखना नहीं है। इसमें सबसे पहले *तिथि* देखी जाती है। द्वादशी, चतुर्दशी और अमावस्या जैसी तिथियां विवाह के लिए वर्जित मानी जाती हैं।
इसके बाद *नक्षत्र* का महत्व आता है। रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा और रेवती जैसे नक्षत्र विवाह के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं।
तीसरा महत्वपूर्ण बिंदु है *ग्रहों की स्थिति*। गुरु और शुक्र को विवाह का कारक माना जाता है। लग्न और सप्तम भाव में इनकी शुभ स्थिति वर-वधू के दांपत्य जीवन को सुखी बनाती है।
इसके अलावा *मास*, *वार*, *चौघड़िया* और *पंचक* का भी ध्यान रखा जाता है। कुंडली मिलान में गुण, नाड़ी दोष, भकूट और मांगलिक दोष देखना भी अनिवार्य है। इन सभी बिंदुओं को मिलाकर ही पंडित जी अंतिम शुभ लग्न निकालते हैं ताकि विवाह का बंधन लंबा और सौभाग्यशाली रहे।
वैवाहिक लग्न के बारे में जानें विस्तार से
2027 में वैवाहिक लग्न 65 दिन है। जिसमें 04 दिन जनवरी में, 04 दिन फरवरी में, मार्च में 07 दिन, अप्रैल में 09 दिन, मई में 03 दिन, जून में 16, जुलाई में 04 दिन, नवंबर में 11 दिन और दिसंबर में 07 दिन मुहूर्त हैं।
इसके अलावा 04 दिन अबूझ मुहूर्त (या स्वयं-सिद्ध मुहूर्त) सनातनी (हिंदू) पंचांग की वे अत्यंत विशेष और पवित्र तिथियां होती हैं, जो स्वतः ही शुभ मानी जाती हैं।
इन दिनों में कोई भी नया या मांगलिक कार्य (जैसे विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति की खरीदारी) शुरू करने के लिए किसी भी ज्योतिषी या पंचांग से शुभ समय (मुहूर्त) निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती है।
अबुझ मुहूर्त जो इस प्रकार हैं। पहला दिन देवोत्थान एकादशी, दूसरा दिन वसंत पंचमी, तीसरे दिन विजया दशमी और चौथे दिन अक्षय तृतीया शामिल है।
कैप्शन: 2027 के 65 शुभ वैवाहिक लग्न में वर-वधू के हाथों सजा विवाह का पवित्र सामान`
वर्ष 2027 में वैवाहिक लग्न की जानकारी
नए वर्ष 2027 में वैवाहिक लग्न जनवरी 15 से शुरू होगा। जो मार्च 13 तक चलेगा। इसके बाद खरमास माह शुरू हो जानें के कारण एक माह तक धार्मिक और वैवाहिक कार्यक्रम बंद रहेगा।
इसके बाद 06 मई से पुनः वैवाहिक कार्यक्रम शुरू होगा, जो 29 जून को बंद हो जाएगा। इसके बाद 04 माह तक चातुर्मास चलेगा। इस दौरान वैवाहिक कार्यक्रम बंद रहेंगे। इसके बाद नवंबर में 11 दिन और दिसंबर में 07 दिन वैवाहिक लग्न है
वर्ष 2027: के जनवरी में चार दिन वैवाहिक लग्न है, जो इस प्रकार हैं। 15 जनवरी दिन शुक्रवार, 18 जनवरी दिन सोमवार, 19 जनवरी दिन मंगलवार और 20 जनवरी दिन बुधवार को है।
फरवरी माह में: 02 फरवरी दिन मंगलवार, 03 फरवरी दिन बुधवार, 09 फरवरी दिन मंगलवार और 27 फरवरी दिन शनिवार को है।
मार्च माह में: 01 मार्च दिन सोमवार, 02 मार्च दिन मंगलवार, 03 मार्च दिन बुधवार, 04 मार्च दिन गुरुवार, 09 मार्च दिन मंगलवार, 10 मार्च दिन बुधवार और 14 मार्च दिन रविवार को है।
अप्रैल माह में: 18 अप्रैल दिन रविवार, 19 अप्रैल दिन सोमवार, 21 अप्रैल दिन बुधवार, 23 अप्रैल दिन शुक्रवार, 24 अप्रैल दिन शनिवार, 25 अप्रैल दिन रविवार, 26 अप्रैल दिन सोमवार, 27 अप्रैल दिन मंगलवार और 28 अप्रैल दिन बुधवार को है।
मई माह में 04: मई दिन मंगलवार, 07 में दिन शुक्रवार और 08 मई दिन शुक्रवार को है।
जून मह में: 01 जून दिन मंगलवार 05 जून दिन शनिवार 09 जून दिन बुधवार 10 जून दिन गुरुवार 11 जून दिन शुक्रवार, 12 जून दिन शनिवार 13 जून दिन रविवार 15 जून दिन मंगलवार 16 जून दिन बुधवार 17 जून दिन गुरुवार 19 जून दिन शनिवार 20 जून दिन रविवार 21 जून दिन सोमवार 26 जून दिन शनिवार 27 जून दिन रविवार 28 जून दिन सोमवार को है।
जुलाई मह में: 08 जुलाई दिन गुरुवार, 09 जुलाई दिन शुक्रवार 11 जुलाई दिन रविवार और 12 जुलाई दिन सोमवार को है।
नोट: अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीना में चतुर्मास रहने के कारण वैवाहिक कार्यक्रम पूरी तरह बंद रहेगा। इसके बाद देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी दिन बुधवार 10 नवंबर 2027 के बाद शुरू हो जाएगा।
नवंबर माह में: 10 नवंबर दिन बुधवार, 11 नवंबर दिन गुरुवार 16 नवंबर दिन मंगलवार 20 नवंबर दिन शनिवार 21 नवंबर दिन रविवार 23 नवंबर दिन मंगलवार 24 नवंबर दिन बुधवार 25 नवंबर दिन गुरुवार 26 नवंबर दिन शुक्रवार और 29 नवंबर दिन सोमवार को है।
दिसंबर मह में: 02 दिसंबर दिन गुरुवार 07 दिसंबर दिन मंगलवार 08 दिसंबर दिन बुधवार 09 दिसंबर दिन गुरुवार 12 दिसंबर दिन रविवार 13 दिसंबर दिन सोमवार को है।
नोट: वैवाहिक लग्न की जानकारी ठाकुर प्रसाद पंचांग से लिया गया है।
*2027 वैवाहिक लग्न - 5 जरूरी सवाल और जवाब*
*1. 2027 में कितने विवाह लग्न हैं?*
वर्ष 2027 में हिंदू पंचांग के अनुसार कुल *65 दिन शुभ वैवाहिक लग्न* हैं। इस साल लग्नों की संख्या अधिक होने से लोगों को शादी की तारीख चुनने में काफी सुविधा मिलेगी। जनवरी से दिसंबर तक लगभग हर महीने 3 से 8 लग्न उपलब्ध हैं।
*2. वैवाहिक लग्न तय करते समय क्या देखा जाता है?*
लग्न निकालते समय 5 मुख्य चीजें देखी जाती हैं:
1. *तिथि* - द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी शुभ मानी जाती हैं।
2. *नक्षत्र* - रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, रेवती।
3. *ग्रह* - गुरु और शुक्र की शुभ स्थिति। लग्न व सप्तम भाव पीड़ित न हो।
4. *वार* - सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार विवाह के लिए अच्छे हैं।
5. *कुंडली मिलान* - गुण, नाड़ी, भकूट और मांगलिक दोष का मिलान अनिवार्य है।
*3. 2027 में सबसे शुभ विवाह का महीना कौन सा है?*
पंचांग के अनुसार *अप्रैल, मई, नवंबर और दिसंबर 2027* में सबसे अधिक शुभ लग्न पड़ रहे हैं। इन महीनों में गुरु और शुक्र दोनों मजबूत स्थिति में रहेंगे, इसलिए इन महीनों में विवाह करना विशेष फलदायी माना जाता है।
*4. क्या 2027 में खरमास और मलमास में विवाह हो सकते हैं?*
नहीं। खरमास और मलमास में विवाह वर्जित होते हैं क्योंकि इन समय में गुरु और सूर्य कमजोर होते हैं। 2027 में भी इन अवधियों को छोड़कर ही 65 लग्न निकाले गए हैं।
*5. क्या बिना पंडित के ऑनलाइन लग्न देखकर शादी कर सकते हैं?*
ऑनलाइन कैलेंडर से आप सामान्य जानकारी ले सकते हैं, लेकिन अंतिम मुहूर्त के लिए पंडित से कुंडली मिलान कराना जरूरी है। हर जोड़े की कुंडली अलग होती है, इसलिए व्यक्तिगत रूप से लग्न शुद्धि कराना ही सबसे उत्तम रहता है।
*डिस्क्लेमर*
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और पारंपरिक पंचांग आधारित मान्यताओं के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वर्ष 2027 में बताए गए 65 वैवाहिक लग्न विभिन्न पंचांगों, क्षेत्रीय परंपराओं और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर हो सकते हैं। भारत में अलग-अलग संप्रदायों और राज्यों में पंचांग की गणना पद्धति में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए लग्नों की संख्या और तारीखों में कुछ बदलाव संभव है।
हम यह दावा नहीं करते कि इस लेख में दी गई जानकारी 100% अंतिम और सभी क्षेत्रों के लिए मान्य है। विवाह जैसा महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले कृपया अपने कुल पुरोहित, स्थानीय पंडित या विश्वसनीय ज्योतिषी से अपनी कुंडली और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अंतिम मुहूर्त की पुष्टि अवश्य कर लें।
इस ब्लॉग में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक और प्रकाशक किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होंगे। ज्योतिष एक मार्गदर्शक है, अंतिम निर्णय श्रद्धा, सुविधा और पारिवारिक सहमति से लिया जाना चाहिए। हमारा उद्देश्य केवल आपको जागरूक करना है, भ्रमित करना नहीं।

