भईया दूज 2026: बुधवार का चमत्कारी संयोग! क्या आप जानते हैं इस दिन यमराज बहन की गोद में सोए थे?

 

भईया दूज 2026 बुधवार 11 नवंबर को। जानिए बुध-यम के दुर्लभ संयोग का महत्व, राशि के अनुसार लाभ, डिजिटल तिलक विधि और झांसी की रानी की अनसुनी कहानी। पूरी जानकारी पढ़ें रंजीत के ब्लॉग पर हिंदी में।

 जब बुध मिले भईया दूज से, बदल जाएगी भाई-बहन की पूरी तकदीर

🚀कल्पना कीजिए: प्राचीन काल में यमराज, मृत्यु के देवता, अपनी बहन यमी की गोद में झूलते हुए चैन की नींद सो रहे हैं। लेकिन 2026 में भईया दूज बुधवार को पड़ने से ये संयोग इतना दुर्लभ है कि ज्योतिषी इसे 'अमरत्व का द्वार' बता रहे हैं! 

😲हां, आप सही पढ़ रहे हैं। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भईया दूज या यम द्वितीया कहते हैं, जहां यम और यमी की कथा अमर है। लेकिन 11 नवंबर 2026 को बुधवार होने से ये त्योहार बुध-यम योग बनाएगा – जो धन, दीर्घायु और सफलता का अलौकिक मेल है। 

क्या आप तैयार हैं इस रहस्यमयी संयोग के पीछे छिपे 5 चमत्कारिक रहस्यों को जानने के लिए? इस ब्लॉग में रंजीत  सिर्फ भईया दूज 2026 की पौराणिक कथा ही नहीं बताएं बल्कि शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व भी बताएंगे, बल्कि सात अनोखे प्रश्नों का जवाब रंजीत देगा।

अगर आप बहन हैं तो भाई को अमर बनाने का राज, और भाई हैं तो धन-वृद्धि का फॉर्मूला यहां है। पढ़िए, शेयर कीजिए, और इस बुधवार को इतिहास रचिए!

भईया दूज का पौराणिक महत्व: यम-यमी कथा जो आश्चर्य चरित करेगी 

भईया दूज की जड़ें पद्म पुराण से जुड़े हैं। यमराज (मृत्यु के स्वामी) और उनकी बहन यमी बचपन से अलग हो गए थे। एक बार यमी ने भाई यम को आमंत्रित किया। यम आए, और यमी ने तिलक लगाया, आरती उतारी और स्वादिष्ट भोजन कराया। गोद में सुलाकर यमी ने कहा, "भैया, आज से हर साल ये रस्म निभाओगे?" यम ने वचन दिया: जो बहन अपने भाई को तिलक लगायेगा, उसे मृत्यु का भय कभी न सतायेगा!

बुधवार होने से ये कथा बुधि-मृत्यु का संयोग बनेगी। जैसे बुध ग्रह बुद्धि का कारक है, वैसे यम दीर्घायु। इस दिन तिलक करके भाई को 'अमर और बुद्धिमान' बनाया जा सकता है। ज्योतिषी कहते हैं, "2026 में ये योग कर्कट से कैंसर तक हर रोग को हर लेगा!"उत्तर भारत में इसे भईया दूज, बिहार-झारखंड में भाई दूज कहते हैं। महाराष्ट्र में भगवान कृष्ण की रुक्मिणी ने भी ये रस्म निभाई थी।

अब जानें पंचांग के अनुसार कैसा रहेगा दिन

कार्तिक माह शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि 10 नवंबर दिन मंगलवार को दिन के 02:00 बजे से शुरू होकर दूसरे दिन 11 नवंबर दिन बुधवार को शाम 03:53 बजे तक रहेगा।

शुभ मुहूर्त और योग का अदभुत मिलन है भैया दूज पर 

भैया दूज के दिन अमृत काल 11 नवंबर दिन बुधवार को सुबह 04:32 बजे से शुरू होकर दूसरे दिन 12 नवंबर को सुबह 06:18 बजे तक रहेगा। इस प्रकार सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 05:56 बजे से लेकर दिन के 11:38 बजे तक रहेगा। अमृत सिद्धि योग सुबह 05:56 बजे से लेकर दोपहर 11:38 बजे तक रहेगा। 

शुभ महूर्त

भैया दूज के दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है। विजय मुहूर्त दोपहर 01:20 बजे से लेकर 02:05 बजे तक रहेगा। चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार सुबह 05:56 बजे से लेकर 07:29 बजे तक लाभ मुहूर्त है। उसी प्रकार 07:20 बजे से लेकर 08:42 बजे तक अमृत मुहूर्त और दिन के 10:06 बजे से लेकर 11:29 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान बहनें अपने भाई को टीका लगाकर पूजा अर्चना कर सकती हैं।

नोट: अन्य शहरों में पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है। इसलिए सटीक मुहूर्त की जानकारी के लिए स्थानीय पंचांग या आचार्य से संपर्क कर सकते हैं।

भईया दूज 2026 बुधवार होने से किस राशि वालों को विशेष लाभ मिलेगा? (ज्योतिषीय विश्लेषण के साथ अनोखा एंगल)

ज्योतिष में केवल यह देखना सामान्य है कि किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा, लेकिन यहां हम एक अनोखा एंगल लेंगे - भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती का ग्रहीय गणित। 11 नवंबर 2026 बुधवार को बुध ग्रह अपनी मूल राशियों (मिथुन और कन्या) के स्वामी हैं। इस दिन बुध का प्रभाव सीधा संचार कौशल (वाणी) पर पड़ता है।

· मिथुन राशि (बहन के लिए शुभ): यदि किसी परिवार में बहन मिथुन राशि की है, तो इस बार भईया दूज उसके लिए मील का पत्थर साबित होगा। बुध के प्रभाव से उसकी वाणी में वह ताकत आएगी कि वह भाई को किसी भी गलत निर्णय से रोक सकेगी। भाई-बहन के बीच पहले अगर कोई अनबन या मनमुटाव था, तो यह दिन उसे खत्म कर देगा।

· कन्या राशि (भाई के लिए शुभ): जिन भाइयों की राशि कन्या है, उनके लिए यह दिन व्यापार और नौकरी में उन्नति का द्वार खोलेगा। बुध ग्रह के कारण उनकी बहन द्वारा दी गई सलाह और आशीर्वाद सीधे उनके करियर में सकारात्मक बदलाव लाएगा। भाई को बहन के घर से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। 

· अनोखा एंगल: वृश्चिक राशि की बहनें: बुधवार का दिन भले ही बुध का हो, लेकिन तिथि कार्तिक शुक्ल द्वितीया है, जिसका संबंध यमराज से है। वृश्चिक राशि पर यमराज की विशेष कृपा होती है क्योंकि यह राशि मृत्यु के देवता से जुड़ी है। ऐसे में वृश्चिक राशि की बहनें अगर अपने भाई का तिलक करेंगी, तो उनके भाई पर यमराज का भय हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा और भाई को लंबी उम्र का वरदान मिलेगा।

कार्तिक शुक्ल द्वितीया पर बुधवार का संयोग भईया दूज 2026 में क्या चमत्कारिक फल देगा?

पंचांग के अनुसार, जब कोई तिथि किसी विशिष्ट वार के साथ मिलती है तो वह महायोग बनाती है। भईया दूज 2026 में कार्तिक शुक्ल द्वितीया का बुधवार के साथ दुर्लभ संयोग कई चमत्कारिक फल देगा। सामान्यतः भईया दूज यमराज को समर्पित है, लेकिन बुधवार होने से यह पर्व विष्णु और बुध की दोगुनी कृपा लेकर आएगा।

बुध ग्रह को भगवान विष्णु का उपासक माना गया है। बुधवार के दिन यमराज की पूजा का अर्थ है कि भाई को यमराज से दीर्घायु का वरदान तो मिलेगा ही, साथ ही बुध की कृपा से उसकी बुद्धि का विकास होगा और वह व्यापार या करियर में अटके हुए कामों से मुक्ति पाएगा। यह संयोग बताता है कि इस दिन अगर बहन भाई को सिर्फ तिलक ही नहीं कराती, बल्कि उसे कोई बौद्धिक उपहार (जैसे कोई किताब या पेन) देती है, तो वह भाई के जीवन में असीम समृद्धि लाएगा।

चमत्कारिक फल यह होगा कि जो भाई इस दिन अपनी बहन के हाथ का बना भोजन ग्रहण करेगा, उसकी वाणी में ऐसा तेज आएगा कि वह हर मुकदमे या वाद-विवाद में जीत हासिल करेगा। बुध वाणी के स्वामी हैं और यमराज न्याय के देवता, इसलिए न्यायालयों से जुड़े लोगों के लिए यह दिन वरदान से कम नहीं होगा। 

भईया दूज 2026 में बुधवार तिलक विधि में ये 3 नई सामग्री जोड़कर लाभ दोगुना करें?

इस बार बुधवार के विशेष संयोग को देखते हुए, आप अपनी पारंपरिक तिलक थाली में कुछ आधुनिक और ज्योतिष सम्मत सामग्री जोड़ सकती हैं। इससे आपके भाई को सिर्फ दीर्घायु का ही नहीं, बल्कि बुद्धि और धन का भी वरदान मिलेगा।

*01. हरी स्याही वाला पेन (बुध का प्रतीक): पारंपरिक रोली और चंदन के साथ, इस बार तिलक की थाली में एक हरे रंग की स्याही वाला पेन जरूर रखें । बुधवार के दिन भाई के माथे पर तिलक करने के बाद, उसकी कलाई पर रोली से रक्षासूत्र बांधने की जगह, उसके शर्ट की जेब में यह पेन रख दें। यह प्रतीकात्मक उपहार बुध ग्रह को मजबूत करेगा, जिससे भाई का करियर और व्यापार दोनों चमकेंगे।

*02. हरा चना या मूंग (बजट फ्रेंडली धन): मिठाई के साथ थाली में हरे चने या मूंग की कटोरी रखें। यह बुध का प्रिय भोजन है। तिलक के बाद भाई को इसे खिलाएं। यह उसे आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाएगा।

*03. पान का पत्ता और इलायची: पान का पत्ता शुभता का प्रतीक है, लेकिन इसके साथ एक हरी इलायची रखें। पान का पत्ता भाई की आर्थिक स्थिरता के लिए और इलायची (जो हरी और सुगंधित है) बुध को प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम सामग्री है।

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ी भईया दूज 2026 की अनसुनी कहानी क्या है?

इतिहास के पन्नों में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की वीरता की कहानियां तो भरी हैं, लेकिन उनके भाई से जुड़ी एक अनसुनी कहानी भईया दूज से जोड़ी जाती है। कहा जाता है कि 1857 के संग्राम के दौरान जब रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी की रक्षा का बीड़ा उठाया था, उस समय उनके दत्तक भाई "बाला साहेब" ने उनका डटकर साथ दिया था।

यह कहानी सिर्फ युद्ध की नहीं, बल्कि एक बहन के विश्वास की है। जब अंग्रेजों ने झांसी को चारों तरफ से घेर लिया था, तब बुधवार के दिन रानी ने अपने भाई बाला साहेब को तिलक किया था। उस समय राजमहल में न तो हल्दी थी और न ही चंदन। रानी ने युद्ध में लगे अपने शस्त्रों से लाल हुए चावल (चूने और हल्दी से रंगे नहीं, बल्कि वीरों के रक्त से सने) से अपने भाई के माथे पर तिलक किया था। उन्होंने कहा था, "ये लाल चावल मेरे आशीर्वाद हैं कि तुम वीरों की तरह जियो और यदि जरूरत पड़े तो मां भारती के लिए मिट जाओ।" यह भईया दूज का वह अनोखा रूप था, जहां मिठाई की जगह तलवार थी और दीर्घायु की मांग करने की जगह अमरत्व (वीरगति) का आशीर्वाद दिया गया था।

2026 कनेक्शन: बुधवार संयोग दोहरा रहा। इस दिन रानी मंदिर में पूजा करें तो वीरता योग बनेगा। अनसुनी कथा: रानी ने तिलक में 'रक्त चंदन' मिलाया, जो ब्रिटिश को हराने का राज था। आज इसे अपनाएं – हल्दी+चंदन से।

 5 भूलें न करें बहनें?

*दक्षिण दिशा: की ओर मुख करके भाई का पूजन न करें। पूर्व दिशा की ओर मुख रखें। 

*नमक युक्त भोजन: बुध को नापसंद है। मीठा भोजन रखें।

*बिना स्नान करे तिलक न करें: अपशकुन होता है।

*क्रोध करने से बुद्धि खराब हो जाती: इससे बचना चाहिए।

*दान जरूर करे: दान नहीं करने से कर्ज बढ़ेगा। हरी वस्तुओं का दान करें।

भईया दूज 2026 के लिए 10 शुभ टिप्स और वास्तु उपाय 

*01.घर में उत्तर-पूर्व कोना सजाएं।

*02.भाई को पीला धोती पहनाएं।

*03.11 दीप जलाएं।

*04.यम मंत्र जप: 1,25,000 बार (ऑडियो ऐप यूज)।

*05.दान: काला तिल + हरी सब्जी।

*06.वास्तु: दरवाजे पर स्वास्तिक।

*07.मोबाइल वॉलपेपर: यम-यमी।

*08.योग: सूर्य नमस्कार 14 बार।

*09.प्रसाद: पंचामृत।

*10.शुभ मुहूर्त रिमाइंडर ऐप डाउनलोड।

भईया दूज 2026 बुधवार पर डिजिटल तिलक कैसे करें – ऑनलाइन बहन-भाई रस्म की अनोखी विधि?

आज के डिजिटल इंडिया युग में जहां भाई-बहन अक्सर अलग-अलग शहरों या देशों में रहते हैं, वहां भी भईया दूज की रस्म को डिजिटल माध्यम से पूरा किया जा सकता है। बुधवार का दिन तकनीक और संचार का प्रतीक है, इसलिए 2026 में डिजिटल तिलक करना और भी प्रभावशाली रहेगा।

डिजिटल तिलक विधि:

*01. वर्चुअल थाली सजाएं: भाई और बहन दोनों एक निश्चित समय (शुभ मुहूर्त - दोपहर 1:09 से 3:19 बजे तक) पर वीडियो कॉल पर जुड़ें। बहन अपनी थाली सजाए और भाई अपने पास एक स्क्रीन या फोटो रखे। 

*02. संकल्प और मेंटल तिलक: बहन वीडियो कॉल पर भाई के माथे की ओर देखते हुए रोली और अक्षत से तिलक करने की भावना मन में रखे और हाथ से तिलक लगाने की क्रिया करे। इसे "मानस तिलक" कहा जाता है, जो बुधवार के दिन और भी प्रभावशाली होता है क्योंकि बुध मानसिक शक्ति के कारक हैं।

*03. ई-रक्षासूत्र और उपहार: बहन भाई की कलाई पर बंधने के लिए ऑनलाइन कोई राखी या कलावा मंगवाकर भेज सकती है, या ई-गिफ्ट वाउचर भेज सकती है।

*04. डिजिटल भोजन: फूड डिलीवरी ऐप से भाई के घर उसकी पसंद की मिठाई या भोजन ऑर्डर करें और खुद भी वीडियो कॉल पर उसे खाते हुए देखें। 

यह विधि न केवल समय की मांग है, बल्कि बुध (तकनीक) और परंपरा का भी बेहतरीन संगम है।

भईया दूज 2026 में बुध ग्रह के प्रभाव से कौन सी 05 भूलें न करें बहनें? (ग्रह-नक्षत्र आधारित वार्निंग्स)

बुधवार के दिन कुछ विशेष सावधानियां बरतनी जरूरी हैं, नहीं तो बुध ग्रह अशुभ प्रभाव दे सकता है। ये 5 भूलें बिल्कुल न करें:

*01. भूल नंबर 1 - राहु काल में तिलक न करें: बुधवार का दिन है, लेकिन हर दिन का एक राहु काल होता है। बुधवार के दिन राहु काल आमतौर पर दोपहर में आता है। शुभ मुहूर्त देखकर ही तिलक करें। राहु काल में तिलक करने से बुध वक्री की तरह असर करता है और भाई-बहन के रिश्ते में कड़वाहट आ सकती है। 

*02. भूल नंबर 2 - तिलक में सिंदूर का अकेले प्रयोग न करें: बुध ग्रह के लिए हल्का पीला और हरा रंग शुभ है। सिर्फ लाल सिंदूर से तिलक करने से बचें। उसमें थोड़ी हल्दी (पीला) या चंदन (सफेद/हल्का पीला) मिलाएं।

*03. भूल नंंबर 3 - लोहे की वस्तु भूलकर भी न दें: बुध ग्रह लोहे (शनि से संबंध) से दुश्मनी मानता है। भाई को उपहार में लोहे या स्टील की कोई चीज (जैसे घड़ी) न दें। चांदी या पीतल का सिक्का देना शुभ रहेगा।

*04. भूल नंबर 4 - झूठ बोलना या कड़वा बोलना: इस दिन बुह देव साक्षी रूप में होते हैं। बहनें भाई से कोई भी ऐसा वादा न करें जो पूरा न कर सकें। बुध वाणी के कारक हैं, इसलिए मीठा बोलें और भाई की कोई पुरानी गलती न निकालें।

*05. भूल नंबर 5 - भोजन में नमकीन की अधिकता: इस दिन भाई को भोजन कराते समय ध्यान रखें कि भोजन में हरी सब्जियां और मीठी चीजों (बुध प्रिय) की मात्रा ज्यादा हो, नमकीन और तली चीजें कम हों।

भईया दूज 2026 बुधवार पूजा के बाद ये अनोखा भोजन क्यों खाएं – वैज्ञानिक लाभ सहित?

परंपरा में भोजन का गहरा वैज्ञानिक आधार है। इस बार बुधवार के दिन भाई को एक अनोखा भोजन कराएं: हरे चने की सब्जी और गुड़ की पूरियां/खीर।

वैज्ञानिक लाभ:

*हरे चने (बुध ग्रह): नवंबर का महीना होता है जब हरी मौसमी सब्जियां सेहत के लिए अमृत समान होती हैं। हरे चने में प्रोटीन और फाइबर भरपूर होता है। बुध ग्रह को संतुलित रखने के लिए हरी सब्जियां खाना ज्योतिष और आयुर्वेद दोनों में बताया गया है। यह भाई की पाचन शक्ति (अग्नि) को मजबूत करता है। 

*गुड़ (मीठा): तिलक के बाद मीठा खाने की परंपरा है। गुड़ आयरन से भरपूर होता है और सर्दियों की शुरुआत (नवंबर) में यह शरीर को गर्मी प्रदान करता है। यह खून को साफ करता है, जिससे त्वचा में निखार आता है और मानसिक शक्ति (बुध) बढ़ती है।

*अनोखा नजरिया: यह भोजन सिर्फ स्वाद के लिए नहीं है। बुधवार के दिन यह भोजन भाई के शरीर में 'वात' दोष को संतुलित करता है, जिससे वह मानसिक रूप से शांत और निर्णय लेने में सक्षम बनता है। यानी, बहन के हाथ का बना यह भोजन भाई को बाहरी और आंतरिक दोनों तरह से मजबूत बनाता है।

ब्लॉग से संबंधित वैज्ञानिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और आर्थिक पहलुओं की विवेचना (

भईया दूज 2026 का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि चार स्तंभों पर टिका एक समग्र उत्सव है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, कार्तिक मास में वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया निष्क्रिय होने लगते हैं। तिलक में प्रयुक्त रोली (कीटाणुनाशक), चावल (ऊर्जा) और चंदन (शीतलता) भाई की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। सामाजिक परिप्रेक्ष्य में यह पर्व नाते-रिश्तों को मजबूत करता है। बहन के घर जाने से वैवाहिक रिश्तों में मधुरता आती है और भाई-बहन के बीच संवाद का सेतु बनता है।

आध्यात्मिक रूप से यह यमराज और बुध ग्रह की दोहरी ऊर्जा का संगम है। बुधवार होने से यह पर्व केवल दीर्घायु ही नहीं, बुद्धि और विवेक का भी आशीर्वाद देता है। आर्थिक पहलू भी उल्लेखनीय है। इस दिन बहनों द्वारा भाइयों को दिए जाने वाले उपहार (गिफ्ट, कपड़े, धन) और भाइयों द्वारा बहनों को दी जाने वाली सौगातें बाजार को गति देती हैं। मिठाई, फल, सब्जी और वस्त्र उद्योग को इस पर्व से सीधा लाभ होता है। बुधवार का व्यापारिक दिन होना इस आर्थिक सक्रियता को और बढ़ा देता है। इस प्रकार भईया दूज का यह दुर्लभ संयोग विज्ञान, समाज, अध्यात्म और अर्थशास्त्र का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करता है।

ब्लॉग से संबंधित अनसुलझे पहलुओं की जानकारी 

भईया दूज 2026 से जुड़े कुछ अनसुलझे पहलू आज भी विद्वानों के बीच चर्चा का विषय हैं। प्रथम, यह रहस्य कि आखिर यमराज की पूजा का दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीया ही क्यों चुना गया, जबकि अन्य पर्वों में भगवान विष्णु या शिव की पूजा प्रचलित है? द्वितीय, ऐतिहासिक दृष्टि से झांसी की रानी द्वारा लाल चावल से तिलक करने की कथा के प्रमाणिक स्रोतों का अभाव है। यह कहानी मौखिक परंपरा से ही जुड़ी है।

तीसरा अनसुलझा पहलू बुधवार और द्वितीया तिथि के संयोग से उत्पन्न फलों की भिन्नता है। विभिन्न ज्योतिषीय ग्रंथों में इस संयोग के फलों में मतभेद मिलता है। चौथा, डिजिटल तिलक की मानसिक क्रिया का वास्तविक अनुष्ठान पर कितना प्रभाव पड़ता है, यह आध्यात्मिक जगत में आज भी बहस का विषय बना हुआ है। इन अनुत्तरित प्रश्नों के कारण भईया दूज का रहस्य और गहरा हो जाता है।

ब्लॉग से संबंधित पांच तरह के यूनिक प्रश्न और उनके उत्तर 

प्रश्न *01: भईया दूज 2026 के बुधवार संयोग का कॉर्पोरेट जॉब करने वाले भाइयों पर विशेष प्रभाव क्यों होगा?

उत्तर:बुध ग्रह बुद्धि, संचार और तकनीक के कारक हैं। बुधवार के दिन बहन का तिलक भाई के मस्तिष्क के उस हिस्से को सक्रिय करता है जो निर्णय क्षमता से जुड़ा है। इससे कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करने वाले भाइयों को प्रेजेंटेशन, डील और नेटवर्किंग में सफलता मिलती है।

प्रश्न *02: क्या भईया दूज पर केवल सगे भाई का ही तिलक किया जाता है, या चचेरे-ममेरे भाइयों के लिए भी यह विधि वैध है?

उत्तर:ज्योतिष शास्त्र में भाई से तात्पर्य सिर्फ सगे भाई से नहीं, बल्कि गोत्र और कुल के समस्त पुरुषों से है। चचेरे, ममेरे और यहां तक कि घनिष्ठ मित्र जिन्हें धर्म भाई का दर्जा दिया गया है, उनके लिए भी बहनें तिलक कर सकती हैं। बुधवार का दिन ऐसे सामाजिक संबंधों को और मजबूत करता है।

प्रश्न *03: बुधवार भईया दूज पर हरे रंग के कपड़े पहनने का क्या महत्व है?

उत्तर:बुध ग्रहीय रंग हरा है। हरे रंग के कपड़े पहनने से बुध ग्रह मजबूत होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से हरा रंग आंखों को शांति देता है और मानसिक तनाव कम करता है। इस दिन भाई-बहन हरे रंग के वस्त्र धारण करें तो बुध की सकारात्मक ऊर्जा दोगुनी हो जाती है।

प्रश्न *04: भईया दूज के दिन नमकीन की अपेक्षा मीठा अधिक क्यों खिलाया जाता है?

उत्तर:आयुर्वेद के अनुसार मीठा स्वाद वात दोष को शांत करता है। बुध ग्रह वात दोष के कारक हैं। भाई को मीठा खिलाने से उसकी नाड़ियां शांत होती हैं और वह दीर्घायु होता है। साथ ही त्योहार में मीठा खाने से खुशी के हार्मोन एक्टिव होते हैं।

प्रश्न *05: डिजिटल तिलक में मेंटल तिलक की प्रक्रिया को कैसे सही करें?

उत्तर:डिजिटल तिलक के दौरान बहन को वीडियो कॉल पर भाई के माथे को ध्यान से देखते हुए अपने अंगूठे से रोली लगाने की क्रिया करनी चाहिए और मन ही मन संकल्प करना चाहिए कि वह सीधे भाई के मस्तक पर तिलक कर रही है। यह मानसिक ऊर्जा (बुध बल) ही वास्तविक तिलक का काम करती है।

ब्लॉग से संबंधित डिस्क्लेमर 

अस्वीकरण: यह ब्लॉग "भईया दूज 2026 (बुधवार, 11 नवंबर)" केवल सूचनात्मक और जागरूकता उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई ज्योतिषीय भविष्यवाणियां, राशिफल, पंचांग संयोग और ग्रहीय प्रभाव पारंपरिक भारतीय ज्योतिष शास्त्र, धार्मिक मान्यताओं और लोक परंपराओं पर आधारित हैं। यह कोई वैज्ञानिक प्रमाणित तथ्य नहीं है।

ब्लॉग में वर्णित ऐतिहासिक कथा (झांसी की रानी से संबंधित) लोक कथाओं और मौखिक परंपरा पर आधारित है, जिसकी पुष्टि के लिए स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हो सकते हैं। डिजिटल तिलक और मेंटल तिलक की विधियां आधुनिक परिस्थितियों के अनुरूप सुझाई गई हैं, जिनका पालन पाठक अपनी सुविधा और आस्था के अनुसार करें।

कृपया ध्यान दें कि इस ब्लॉग में दी गई कोई भी जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी अनुष्ठान, व्रत या उपाय को करने से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य कर लें। ब्लॉग लेखक या प्रकाशक इन सुझावों के उपयोग से होने वाली किसी भी हानि या लाभ के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे। आपका धर्म, आपकी आस्था और आपका विवेक ही आपके सच्चे मार्गदर्शक हैं।



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